भीमा पाटस मिल में घुसकर किसान संगठन के कार्यकर्ता ने पेराई रोकी
पाटस : गन्ना उत्पादक किसानों को मौजूदा पेराई सीजन में प्रति टन पांच हजार रुपए गन्ना भाव दिया जाए, इस मांग को लेकर पूर्व सांसद राजू शेट्टी के शेतकरी (किसान) संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दौंड तहसील के पाटस स्थित भीमा सहकारी शुगर मिल में घुसकर जोरदार नारेबाजी की और कुछ समय के लिए गन्ने की पेराई रोक दी।
राजू शेट्टी के शेतकरी संगठन के जिलाध्यक्ष अमरसिंह कदम के नेतृत्व में गुरुवार को दोपहर के समय भीमा पाटस सहकारी साखर कारखाने में यह प्रदर्शन किया गया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ता “गन्ना उत्पादक किसानों को प्रति टन पांच हजार रुप, भाव मिलना ही चाहिए” के नारे लगाते हुए मिल में दाखिल हुए। वे गन्ने की पेराई के लिए बनाई गई केबिन में पहुंचे और वहां धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए गन्ने की पेराई ठप कर दी। अचानक शुरू हुए इस आंदोलन से गन्ना कटाई मजदूरों और मिल के कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। अंततः पुलिस प्रशासन को बुलाना पड़ा। इसके बावजूद संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा आंदोलन जारी रखने से मिल परिसर में तनाव का माहौल बन गया था।
दूसरी ओर, रघुनाथदादा पाटिल के किसान संगठन ने चीनी परिवहन बंद आंदोलन शुरू कर दिया है। अब राजू शेट्टी का संगठन भी इस मैदान में उतर आया है। इस दोहरे आंदोलन के कारण पिछले आठ दिनों से मिल परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसान संगठन के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि गन्ना उत्पादक किसानों को प्रति टन पांच से साढ़े सात हजार रुपए गन्ना भाव मिले और चीनी की बिक्री 70 से 80 रुपए प्रति किलो की दर से हो, इन विभिन्न मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है।
